राज्य सरकार से संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति ने चारधाम यात्रा के दौरान डिक्लेरेशन फार्म भरने की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग उठाई

देहरादून/ऋषिकेश

संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति ने राज्य सरकार से चारधाम यात्रा के दौरान डिक्लेरेशन फार्म भरने की अनिवार्यता को समाप्त किए जाने की मांग की है।

गढ़वाल कमिशनर एवं अध्यक्ष यात्रा प्रशासन संगठन को प्रेषित पत्र में समिति अध्यक्ष नवीन रमोला ने बताया कि प्राप्त जानकारी के अनुसार चारधाम यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को रहने खाने की व्यवस्था का ब्यौरा डिक्लेरेशन फार्म में देना होगा। अन्यथा वाहनों को चेकपोस्ट से वापस किया जाएगा।

रमोला ने पत्र में कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थिति मैदानी क्षेत्रों की अपेक्षा दुष्कर है। यात्राकाल में बसों को 10 दिनों में करीब 1400 किमी की दूरी तय करती हैं। समिति की बसें कई दशकों से चारधाम यात्रा की सेवाएं दे रही हैं, यात्रियों को कभी भी रहने-खाने की असुविधा नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि स्वप्रमाणीकरण पत्र की बाध्यता खानापूर्ति और समय की बर्बादी होगी। इससे भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा मिलने का अंदेशा रहेगा। तीर्थयात्रियों और वाहन संचालकों को असुविधा होने से यात्रा में व्यवधान भी पड़ेगा। लिहाजा, चारधाम यात्रा में डिक्लेरेशन फार्म की बाध्यता को समाप्त किया जाए।

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