देहरादून/दिल्ली
दिल्ली से ऋषिकेश का सफर अब पहले से कहीं ज्यादा तेज और आरामदायक होने वाला है. अब एक सुपरफास्ट ट्रेन से यात्रियों का लंबे समय का इंतजार जल्द खत्म हो सकता है।
इस ट्रेन की वजह से आप आसानी से दिल्ली से ऋषिकेश करीब 3 घंटे में ही पहुंच जाएंगे. इससे हरिद्वार-ऋषिकेश जाने वाले श्रद्धालुओं, वीकेंड ट्रैवल करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी. तेज रफ्तार, आधुनिक सुविधाओं और आरामदायक सफर की वजह से यह ट्रेन यात्रियों के लिए एक बेहतरीन ऑप्शन साबित होगी।

लंबे समय से हरिद्वार और ऋषिकेश यात्रियों को जिस पल का इंतजार था वह अब आ गया है। अब हर वीकेंड अब आप आसानी से दिल्ली से ऋषिकेश जा सकते हैं क्योंकि जल्द ही भारतीय रेलवे एनसीईआरटीएस ने रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के तहत नमो ट्रेन शुरू करने जा रही है।
दिल्ली- गाजियाबाद मेरठ नमो भारत ट्रेन रूट दिल्ली और वेस्ट यूपी के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी।

ये नमो भारत ट्रेन दिल्ली से मेरठ का सफर 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी. ट्रेन 3 घंटे में दिल्ली से ऋषिकेश तक पहुंचाएगी. फिलहाल दिल्ली से एक्सप्रेसवे के जरिए ऋषिकेश पहुंचने में लगभग 6 घंटे का समय लगता है।
मेरठ से ऋषिकेश तक नमो भारत ट्रेन के प्रस्तावित एक्सटेंशन रूट में कई प्रमुख शहर और धार्मिक स्थल शामिल किए गए हैं। यह ट्रेन मेरठ से चलकर दौराला, खतौली, मुजफ्फरनगर और पुरकाजी होते हुए उत्तराखंड में प्रवेश करेगी और इसके बाद यह रुड़की, हरिद्वार और हर की पौड़ी से होकर योगनगरी ऋषिकेश तक पहुंचेगी।
इस योजना के अनुसार, ऋषिकेश के बाद लक्ष्मण झूला को ट्रेन का टर्मिनस स्टेशन बनाया जा सकता है।
इस रूट के शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच यात्रा तेज और आसान होगी। साथ ही हरिद्वार और ऋषिकेश आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों को भी बड़ा फायदा मिलेगा।
सभी जरूरी प्रोसेस समय पर पूरे हो जाने के बाद आने वाले समय में दिल्ली से हरिद्वार और ऋषिकेश की यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज, आरामदायक और सुविधाजनक हो जाएगी. इस ट्रेन में यात्रियों के लिए एयर कंडीशनिंग, आरामदायक सीटें, मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग पॉइंट, वाई-फाई, सीसीटीवी निगरानी, जीपीएस, दिव्यांगों के लिए खास सुविधाएं और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध होगी।
मीडिया रिपोर्ट्स दिल्ली से ऋषिकेश तक नमो भारत ट्रेन के स्टैंडर्ड कोच का किराया करीब 450 से 520 रुपये और प्रीमियम कोच का किराया 900 से 1,000 रुपये के बीच रहने का अनुमान लगाया जा रहा है। उत्तराखंड सरकार से मंजूरी मिलने के बाद इस परियोजना के काम में तेजी आने की उम्मीद है।