देहरादून/नैनीताल
पुरे देश ने धूमधाम से रक्षाबंधन का पर्व मनाया। बड़े हो या छोटे सभी भाइयों को इस दिन का बेसब्री से इंतजार रहता ही है। वहीं बहने भी अपने भाइयों के हाथों में रक्षा सूत्र का बंधन बांधने को तैयारी करती हैं। अगर शादी शुदा हो तो पहले ससुराल की राखी को निपटा के अपने मायके के लिए निकलती है। लेकिन ऐसे भी बहुत से उदाहरण मिल जाएंगे जहां धर्म भाई या धर्म बहन भी राखी बांधती आई हैं।
जहां धर्म को भी नहीं देखा जाता है। देखा जाता है तो सिर्फ और सिर्फ भाई को,एक ऐसी बहन जो उन भाइयों को रख बाँधती हैं जिनकी कलाई सूनी रहती है। ऐसी ही सरोवर नगरी की बहन है संध्या शर्मा जो पेशे से एडवोकेट भी है और समय समय पर जरूरतमंदों की मदद को हमेशा तैयार रहती है।
रक्षाबंधन के इस पावन पर्व पर संध्या शर्मा ने मुस्लिम भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का संदेश दे दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि राखी का रिश्ता केवल धर्म या जाति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रेम, विश्वास और इंसानियत का प्रतीक है।
संध्या शर्मा ने मुस्लिम भाइयों को राखी बांधते हुए उनके सुख, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
उन्होंने कहा कि भारत की खूबसूरती उसकी विविधता में एकता है। अलग-अलग धर्म और समुदाय होने के बावजूद हम सभी एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े हों, यही रक्षाबंधन के पर्व की सच्ची भावना है।
रक्षाबंधन के अवसर पर हुए इस पहल ने सामाजिक एकता और सद्भाव का संदेश दिया।
उन्होंने राखी के धागे से एकता का संदेश देते हुए कहा कि धर्म अलग हो सकते हैं, लेकिन भाईचारा और इंसानियत सबसे ऊपर है।