राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तराखंड के चरणबद्ध आंदोलन के दो चरण के पश्चात ऑनलाइन समीक्षा बैठक ,अब क्रमबद्ध अन्य कार्यक्रमों के साथ 7 अप्रैल को विशाल रैली

देहरादून

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तराखंड के चरणबद्ध आंदोलन के दो चरण सफलतापूर्वक पूर्ण होने के पश्चात परिषद की एक ऑनलाइन आपातकालीन आकस्मिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अरुण पांडे ने आंदोलन के प्रथम एवं द्वितीय चरण में प्रदेश के सभी 13 जनपदों, स्वतंत्र शाखाओं एवं घटक संगठनों द्वारा बढ़-चढ़कर की गई भागीदारी के लिए सभी पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई एवं धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की एकजुटता ने परिषद के आंदोलन को पूरे प्रदेश में मजबूत आधार प्रदान किया है।

बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तराखंड, अधिकारी-कर्मचारी-शिक्षक समन्वय समिति का संस्थापक सदस्य एवं प्रमुख घटक संगठन है। समन्वय समिति द्वारा भी चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की गई है, जिसके अंतर्गत सभी घटक संगठनों की मांगों को सम्मिलित करते हुए एक संयुक्त मांग पत्र तैयार किया गया है।

समन्वय समिति द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार

• 5 मार्च से 13 मार्च तक – गेट मीटिंग कार्यक्रम,

• 16 मार्च से 24 मार्च तक – माननीय मंत्रियों एवं विधायकों को ज्ञापन,

• 25 मार्च – जनपद मुख्यालयों में एक दिवसीय धरना,

• तथा 7 अप्रैल को देहरादून स्थित परेड ग्राउंड से सचिवालय तक विशाल रैली आयोजित की जाएगी, जिसमें अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा किए जाने का नोटिस दिया जाएगा।

बैठक में इस विषय पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया कि परिषद अपने आगामी कार्यक्रमों को पृथक रूप से जारी रखे अथवा समन्वय समिति के साथ समन्वय स्थापित करते हुए संयुक्त रूप से आंदोलन संचालित करे।

गंभीर विचार-विमर्श के पश्चात सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि समन्वय समिति के मांग पत्र में परिषद की प्रमुख मांगें जैसे 10, 16 एवं 26 वर्ष की सेवा पर एसीपी, गोल्डन कार्ड में सुधार, वाहन भत्ता, तथा निगम, निकाय एवं वर्दीधारी कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण मांगें सम्मिलित की गई हैं।

इसके अतिरिक्त परिषद के प्रतिनिधिमंडल की बैठक शीघ्र ही मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुधांशु पंत एवं वित्त सचिव के साथ प्रस्तावित है, तथा एक बैठक प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ भी प्रस्तावित है, जिसमें परिषद अपनी मांगों के समर्थन में पुरज़ोर पैरवी करेगा।

इन सभी तथ्यों के आधार पर बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि परिषद अपने आगामी कार्यक्रमों को समन्वय समिति के साथ समन्वय स्थापित करते हुए संयुक्त रूप से संचालित करेगी, जिससे आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं सशक्त बनाया जा सके। बैठक का संचालन परिषद के प्रांतीय महामंत्री शक्ति प्रसाद भट्ट द्वारा किया गया।

बैठक में प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष गिरजेश कांडपाल, संप्रेक्षक रमेश कांसवाल, राज्य कर एसोसिएशन से जगमोहन सिंह नेगी, टिहरी शाखा अध्यक्ष भगवान सिंह राणा, जिलाध्यक्ष हरिद्वार अमरीश कुमार, जिलाध्यक्ष देहरादून रविंद्र सिंह चौहान, गढ़वाल मंडल अध्यक्ष हर्षमोहन सिंह नेगी, जिलाध्यक्ष नैनीताल असलम अली, जिलाध्यक्ष ऊधमसिंह नगर राजेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष पिथौरागढ़ प्रदीप भट्ट, जिलाध्यक्ष अल्मोड़ा उमाकांत पांडे, चम्पावत अध्यक्ष अशोक फर्त्याल, बागेश्वर से नारायण सिंह, रुड़की शाखा अध्यक्ष सतपाल सैनी, कोटद्वार शाखा अध्यक्ष मुकेश रावत, मंत्री ज्योति प्रकाश, अल्मोड़ा से तनुज गोस्वामी, रुद्रप्रयाग से संतोषी नेगी, चमोली से ममता पाटिल, उत्तरकाशी से मुकेश नेगी, ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष हर्ष डी जोशी, गन्ना पर्यवेक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश डबराल, बाल विकास संघ की प्रदेश अध्यक्ष रेखा भंडारी, एएनएम संघ की अध्यक्ष सावित्री देवी, कृषि सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष शुभम आर्य, आबकारी विभाग से पान सिंह राणा, संजय चौहान, धीरज गुप्ता, श्री राजेंद्र प्रसाद सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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