भाजपा पार्षदों की बैठक में नगर निगम आयुक्त और निगम की कार्यप्रणाली पर आक्रोश किया जाहिर,बोले जनप्रतिनिधियों की कोई सुनवाई नहीं हो रही

देहरादून

बुधवार को स्थानीय होटल में नगर निगम के भाजपा पार्षदों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें नगर निगम की कार्यप्रणाली एवं विभिन्न जनहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में विशेष रूप से यह गंभीर विषय सामने आया कि नगर आयुक्त द्वारा पार्षदों, विशेषकर महिला पार्षदों की लगातार अनदेखी की जा रही है। कई बार महिला पार्षदों को कार्यालय के बाहर प्रतीक्षा करने के लिए रोका जाता है तथा सुरक्षाकर्मियों द्वारा उन्हें अंदर जाने से भी प्रतिबंधित किया जाता है, जिसको लेकर महिला पार्षदों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई।

बैठक में यह भी आरोप लगाया गया कि नगर आयुक्त द्वारा नगर निगम को मनमर्जी से संचालित किया जा रहा है तथा जनप्रतिनिधियों की किसी भी प्रकार की सुनवाई नहीं हो रही है। मेयर की बीमारी का बहाना बनाकर सभी महत्वपूर्ण निर्णय स्वयं लेने का प्रयास किया जा रहा है और जनप्रतिनिधियों को विश्वास में नहीं लिया जा रहा है। इसे लेकर भाजपा पार्षदों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।

सभी पार्षदों ने एक स्वर में नगर निगम की कार्यप्रणाली एवं तानाशाही के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया तथा निर्णय लिया कि सर्वप्रथम भाजपा महानगर अध्यक्ष से मुलाकात की जाएगी, उसके पश्चात मुख्यमंत्री से मिलकर पूरे प्रकरण से अवगत कराया जाएगा। साथ ही शहरी विकास सचिव से भी शीघ्र समय लेकर मुलाकात की जाएगी

वरिष्ठ भाजपा पार्षद अमिता सिंह ने कहा कि ऐसी तानाशाही पहले कभी नहीं देखी गई। यह मेरा पांचवां बोर्ड है, लेकिन हर बोर्ड में पार्षदों के साथ समन्वय बनाकर कार्य होते थे, जबकि वर्तमान में मेयर की अनुपस्थिति का अनुचित लाभ उठाया जा रहा है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

भाजपा पार्षद भूपेंद्र कठैत ने कहा कि नगर आयुक्त की तानाशाही अब बर्दाश्त से बाहर हो चुकी है और इस पूरे प्रकरण को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया जाएगा।

भाजपा पार्षद सतीश कश्यप ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की अनदेखी कर कार्य करना पूरी तरह अस्वीकार्य है। जनता ने इस बोर्ड को विकास कार्यों के लिए चुना है, न कि मनमानी के लिए। यदि पार्षदों की बात नहीं सुनी जाएगी तो विकास कार्य बाधित होंगे,

जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

पार्षद कमली भट्ट ने महिला पार्षदों के साथ हो रहे अभद्र व्यवहार पर कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि महिला पार्षदों को कार्यालय के बाहर खड़ा करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं अस्वीकार्य है,आवश्यकता पड़ने पर नगर निगम का घेराव किया जाएगा।

पार्षद नंदिनी शर्मा ने कहा कि नगर निगम में अधिकारी जनप्रतिनिधियों की सुनने को तैयार नहीं हैं, जिससे पार्षदों को मजबूर होकर कठोर कदम उठाने पड़ सकते हैं।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि भाजपा संगठन को पूरे प्रकरण से अवगत कराया जाएगा तथा मेयर महोदय को विश्वास में लेकर आगे की रणनीति बनाई जाएगी

बैठक में उपस्थित पार्षदगण रमेश गौड़, महिपाल धीमान, प्रवीन नेगी, रजनी देवी, संजय सिंघल, अंजलि सिंघल, दर्शन लाल बिंजोला, दिनेश प्रसाद सती, वैभव अग्रवाल, मनोज जाटव, अनीता गर्ग, महेंद्र कौर, रेणु देवी, स्वाति डोभाल, अल्पना राणा, मीनाक्षी, अमिता सिंह, एम. एस. भंडारी, भूपेंद्र कठैत, सतीश कश्यप, आलोक कुमार, पूनम पुंडीर, दीपक नेगी, योगेश भगत, मोहन बहुगुणा, महिमा पुंडीर, अंकित अग्रवाल, किरण देवी, मंजू कौशिक, पुष्कर चौहान, नंदिनी शर्मा उपस्थित रहे।

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