देहरादून
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद नई दिल्ली द्वारा मानसिक स्वास्थ और कुशल क्षेम पर दो दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ एससीईआरटी की निदेशक बन्दना गर्ब्याल एनसीईआरटी के प्रो.विनोद शनवाल तथा स्वामी वहृमदेव द्वारा ओरोवैली आश्रम रायवाला में किया गया।
अपने संबोधन में मनोदर्पण कार्यक्रम प्रभारी विनोद शनवाल ने अवगत कराया कि इस प्रकोष्ठ की स्थापना शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा की गयी जिसका उददेश्य शिक्षकों विद्यार्थियों एवं परिवार के मानसिक स्वास्थ्य और कुशल क्षेम पर कार्य करना तथा आमजन में मानसिक स्वास्थ की संचेतना विकसित करना है।
इसकी आवश्यकता कोविड काल में महसूस की गयी तथा इसका प्रारम्भ टेलीहेल्पलाइन सुविधा से किया गया जिसमें छात्र/छात्राओं की कॉउसिंलिग की जाती है। एनसीईआरटी के द्वारा संचालित मनोदर्पण श्रृखला में जैसे सहयोग तथा परिचर्चा पी0एम0 ई-विद्या पर प्रसारित किये जाते है। उन्होने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य के स्तर की पहचान बाल्यकाल में ही हो जाये इसके लिये प्रयास करते रहना चाहिये जिससे अगर समस्या है तो समय रहते ही पता चल जाये। उसका समाधान ससमय किया जा सके।
स्वामी वहृमदेव ने अवगत कराया कि मानव बुद्धि का लगातार विकास हो रहा है उन्होने कहा कि सकारात्मक सोच से हम प्रकृति के साथ सामन्जस्य विठा सकते है इसके लिये जरूरी है कि हम हमेशा सीखते रहे अध्यात्मिकता से मानसिक स्वास्थ्य को हम अच्छा कर सकते है तथा यह विद्यर्थियों को भी सिखा सकते है।
एससीईआरटी निदेशक बन्दना गर्ब्याल ने कहा कि परिषद विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर कार्य कर रही है इस विषय पर परिषद ने प्रकाश पत्रिका का भी प्रकाशन किया है मानसिक स्वास्थ्य का सीधा असर व्यक्ति की कार्यक्षमता पर पडता है कार्यशाला में प्राप्त प्रशिक्षण को शिक्षक तथा प्रशासनिक स्तर के मेंटर विद्यालयों तक लेकर जायेगे जिससे हमारे छात्र&छात्रायें लाभान्वित होगे। एन0ई0पी0 2020 में भी मानसिक स्वास्थ्य तथा हैप्पीनेस पर जोर दिया गया है।
राज्य में संचालित आनन्दम कार्यक्रम से भी छात्र-छात्राओं को लाभ हो रहा है।
कार्यक्रम में अपर निदेशक पदमेन्द्र सकलानी उप निदेशक अजीत भंडारी उप समग्र शिक्षा निदेशक अंजुम फातिमा उपस्थित रही कार्यक्रम का संचालन भगवती प्रसाद मेंदोली ने किया। एससीईआरटी की टीम द्वारा कार्यक्रम का सफलतापूर्वक संचालन कराया गया।