देहरादून/पिथौरागढ़
बिजली की खराबी दूर करने पोल पर चढ़े लाइनमैन की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि लाइन का शटडाउन लिए जाने के बावजूद उसमें करंट दौड़ गया, जिससे यह हादसा हुआ है। मंगलवार को हुई इस घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश नजर आया उन्होंने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पोस्टमार्टम हाउस में भी हंगामा किया।
जजराली क्षेत्र निवासी मनोज राम (36) आंवलाघाट पंपिंग योजना में तकनीशियन के रूप में रात की ड्यूटी करते थे। दिन में वह यूपीसीएल के ठेकेदार के अधीन बिजली लाइन की मरम्मत का काम भी करते थे।
बताया गया कि पंपिंग योजना क्षेत्र में पिछले दो दिनों से बिजली आपूर्ति प्रभावित थी। परिजनों के अनुसार मंगलवार सुबह खराबी दूर करने के लिए मनोज को 11 केवी लाइन पर भेजा गया था। मनोज को शटडाउन दिए जाने की बात कहकर खंभे पर चढ़ाया गया। वह लाइन की मरम्मत में जुटे ही थे कि अचानक तार में करंट दौड़ गया। तेज झटके से वह गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
हादसे की खबर घर पहुंची तो वहां कोहराम मच गया। घर में बेटी के नामकरण की खुशियां मनाने की तैयारी थी, लेकिन हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
मनोज के परिजनों ने बिजली विभाग और संबंधित ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि यदि लाइन वास्तव में शटडाउन पर थी तो उसमें करंट कैसे आया, इसकी जांच होनी चाहिए।
यूपीसीएल के अधीक्षण अभियंता डीएस बिष्ट ने घटना को दुखद बताते हुए कहा कि मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि ऐसे मामलों में सुरक्षा मानकों का पालन किया जाना ज्यादा जरूरी है। जिसकी अनदेखी भी जान पर भारी पड़ रही है।
बताते चलें कि बिजली लाइनों पर काम करने के दौरान कर्मचारियों की मौत का यह अकेला मामला नहीं है।
खबर में दिए गए विवरण के अनुसार, मई में शटडाउन लेने के बावजूद करंट आने से संविदा लाइनमैन सुंदर सिंह सोन, अगस्त में कांडा क्षेत्र के विजयपुर में निर्माण कार्य के दौरान हाईटेंशन लाइन से लोहे का एंगल छूने पर राजमिस्त्री सूरज राम तथा चंपावत में बीएसएनएल पोल लगाने के दौरान हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मजदूर सुशील शाही की मौत हो चुकी है। इससे बिजली और निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों तथा शटडाउन व्यवस्था की निगरानी पर भी सवाल खड़े होने लाजमी हैं।