डॉ.भीमराव अंबेडकर एवं दलित समाज पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने पर पुलिस से निष्पक्ष जांच एवं कानूनी कार्रवाई की मांग

देहरादून

उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं दलित समाज के संबंध में कथित रूप से की गई आपत्तिजनक एवं अपमानजनक टिप्पणियों के मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून को लिखित शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच तथा कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

शिकायत में कहा गया है कि भूपेश जोशी द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर डॉ. बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर एवं दलित समाज के संबंध में कुछ ऐसी टिप्पणियां एवं पोस्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है, जिन्हें शिकायतकर्ता ने आपत्तिजनक एवं अपमानजनक बताया है। शिकायत के अनुसार इन पोस्टों से दलित समाज की भावनाएं आहत हुई हैं और सामाजिक स्तर पर रोष एवं असंतोष की स्थिति उत्पन्न हुई है।

प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल ने कहा कि सोशल मीडिया आज जनसंवाद का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे में सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति, समुदाय, महापुरुष अथवा संवेदनशील सामाजिक विषय के संबंध में की जाने वाली टिप्पणियों का व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। विशेष रूप से ऐसी सामग्री, जिससे किसी सामाजिक वर्ग की भावनाएं आहत होने की आशंका हो, उसका परीक्षण तथ्यों एवं कानून के अनुरूप किया जाना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि डॉ. बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर भारतीय संविधान के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले महान व्यक्तित्व और सामाजिक न्याय के प्रमुख प्रतीकों में से एक हैं। उनके विचारों ने समानता, स्वतंत्रता, न्याय और सामाजिक सम्मान के मूल्यों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसलिए उनके संबंध में सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी आपत्तिजनक सामग्री की सत्यता और संदर्भ की जांच आवश्यक है।

मदनलाल ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि शिकायत के साथ उपलब्ध कराए गए फेसबुक पोस्ट, स्क्रीनशॉट एवं अन्य संबंधित साक्ष्यों का विधिवत परीक्षण किया जाए। संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट एवं पोस्ट की वास्तविकता, पोस्ट की तारीख, संदर्भ तथा उसकी प्रमाणिकता की जांच करते हुए यदि जांच में किसी कानून का उल्लंघन पाया जाता है, तो प्रचलित कानून की संबंधित धाराओं के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी भी प्रकार की पूर्वधारणा के बजाय निष्पक्ष जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानून सम्मत कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से भी अपील की कि वे संवेदनशील सामाजिक एवं ऐतिहासिक विषयों पर तथ्यहीन, अपमानजनक अथवा ऐसी सामग्री साझा करने से बचें, जिससे समाज में अनावश्यक तनाव या वैमनस्य की स्थिति उत्पन्न हो।

मदनलाल ने कहा कि सामाजिक सौहार्द, आपसी सम्मान और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। किसी भी शिकायत पर पुलिस प्रशासन द्वारा तथ्यों की जांच कर कानून के अनुसार निर्णय लिया जाना चाहिए, ताकि किसी भी वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री के संबंध में उचित प्रक्रिया अपनाई जा सके।

उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून से अनुरोध किया कि प्रस्तुत शिकायत एवं साक्ष्यों का संज्ञान लेते हुए मामले की शीघ्र और निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

इस अवसर पर अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश महासचिव संजय गौतम,धर्मपाल घाघट,नितेश राजोरिया, प्रमोद मंद्रवाल,आदर्श सूद, प्रदेश उपाध्यक्ष नोहर सिंह ,गगन छाछर प्रदेश सचिव अशोक कुमार, सुनील कुमार,भावदस के युवा अध्यक्ष अमन उज्जवल लड्डू साहिल कुमार साथी साथ रहे।

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