देहरादून/उत्तरकाशी
साइबर अपराधों की रोकथाम एवं आमजन को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C), गृह मंत्रालय, भारत सरकार की पहल तथा पुलिस मुख्यालय उत्तराखण्ड के निर्देशों के क्रम में अक्टूबर माह को “National Cyber Security Awareness Month” के रूप में मनाया जा रहा है।

पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी, कमलेश उपाध्याय के निर्देशन में उत्तरकाशी पुलिस द्वारा जनपद के विभिन्न क्षेत्रों एवं गांवों में “साइबर जागरूक उत्तराखंड–सुरक्षित डिजिटल उत्तराखंड” थीम पर निरंतर साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से आमजन, ग्रामीणों, युवाओं एवं छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों के प्रति सजग करते हुए सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
इसी क्रम में कोतवाली उत्तरकाशी की चौकी डुण्डा पुलिस टीम द्वारा ग्रामीणों एवं युवाओं को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल एवं मैसेज, फिशिंग ई-मेल, संदिग्ध लिंक, लालच भरे ऑनलाइन ऑफर सहित विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया। लोगों को एटीएम कार्ड की जानकारी, CVV, PIN, OTP, बैंक संबंधी विवरण अथवा अन्य निजी एवं संवेदनशील जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करने की सलाह दी गई। साथ ही सोशल मीडिया एवं अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अनजान व्यक्तियों से सावधान रहने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल पुलिस को सूचित करने के लिए प्रेरित किया गया। डिजिटल तकनीक का उपयोग करते समय सतर्कता एवं सावधानी बरतें। साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय जागरूकता और सतर्कता है। किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि अथवा साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल 1930 पर संपर्क करें।
कोतवाली धरासू पुलिस टीम द्वारा यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर ब्रह्मखाल, शिवगुफा के पास स्थानीय लोगों एवं श्रद्धालुओं को साइबर अपराधों एवं “डिजिटल अरेस्ट” जैसी साइबर ठगी की घटनाओं के प्रति जागरूक किया गया। पुलिस टीम द्वारा बताया गया कि साइबर ठग पुलिस, सीबीआई, ईडी अथवा अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बनकर डराने-धमकाने एवं दबाव बनाने का प्रयास कर सकते हैं। ऐसे किसी भी फर्जी कॉल अथवा धमकी पर विश्वास न करें और अपनी व्यक्तिगत अथवा बैंकिंग जानकारी साझा न करें। किसी भी प्रकार की ऑनलाइन वित्तीय ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना देने की जानकारी दी गई।
वहीं कोतवाली बड़कोट पुलिस टीम द्वारा राजकीय इंटर कॉलेज खरादी में स्कूली छात्र-छात्राओं, NCC कैडेट्स एवं ग्रामीणों को साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। संदिग्ध लिंक, फर्जी कॉल/मैसेज, साइबर ठगी एवं लालच भरे ऑनलाइन ऑफर से सावधान रहने की हिदायत दी गई। पुलिस द्वारा विशेष रूप से बताया गया कि अनजान APK File को डाउनलोड अथवा इंस्टॉल न करें। अनजान लिंक, QR Code अथवा संदिग्ध ऐप पर क्लिक या डाउनलोड करने से बचे, डिजिटल अरेस्ट” जैसी फर्जी धमकियों एवं दबाव बनाने वाले कॉल पर विश्वास न करें। CSAM/OCWC से संबंधित आपत्तिजनक बाल यौन सामग्री को डाउनलोड अथवा शेयर न करें। ऐसी सामग्री की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें।