देहरादून / ऋषिकेश
दिनांक 17/10/2026 को एम्स ऋषिकेश में CRE-3 भर्ती प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जा रहा था, इसी दौरान वायरमैन पद हेतु उपस्थित अभ्यर्थी विकास कुमार मीणा की पहचान पर संदेह उत्पन्न हुआ। मूल अभिलेखों व पहचान-पत्रों के मिलान पर पाया गया कि परीक्षा में शामिल होने वाले व्यक्ति व एम्स में नियुक्त होकर कार्यभार ग्रहण करने वाले व्यक्ति के फोटो में अंतर है, जबकि दस्तावेजों में उनका विवरण समान हैं।
उक्त संबंध में सहायक प्रशासनिक अधिकारी एम्स ऋषिकेश विक्रम सिंह द्वारा पुलिस चौकी एम्स ऋषिकेश में लिखित शिकायत दी गई। प्राप्त शिकायत व जांच रिपोर्ट के आधार पर कोतवाली ऋषिकेश पर मु0अ0सं0- 543/2026 धारा 318(4), 319(2), 336(3), 337, 338, 340(2) व 61(2) BNS के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।
प्रकरण की गंभीरता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा प्रभारी निरीक्षक ऋषिकेश को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए पुलिस टीम का गठन किया गया, गठित टीम द्वारा विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलन व जांच के उपरांत बायोमेट्रिक सत्यापन कराने वाले अभियुक्त अशोक कुमार मीणा पुत्र स्व० रामकरण मीणा को आज दिनांक 18/10/2026 को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त को माननीय न्यायालय में पेश कर न्यायालय के आदेश से जिला कारागार देहरादून में निरुद्ध किया गया।
प्रकरण में शामिल अन्य अभियुक्त विकास कुमार मीणा पुत्र धनफूल मीणा , जिसके द्वारा एम्स में कार्य भार ग्रहण किया गया था, घटना के बाद से ही फरार चल रहा है, जिसकी पुलिस टीमों द्वारा तलाश की जा रही है।
साथ ही प्रकरण में प्रतिरूपण, दस्तावेजों में हेरफेर व अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता के संबंध में गहन विवेचना जारी है।
विवरण गिरफ्तार अभियुक्त …
अशोक कुमार मीणा(40) पुत्र स्व0 रामकरण मीणा निवासी जटाली ढाणी, काली पहाड़ी, दौसा, राजस्थान।