देहरादून
प्रदेश की राजधानी दून में एक महिला जज (न्यायिक अधिकारी) ने रैपिडो चालक पर अभद्रता, धमकी देने और अपहरण की कोशिश करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि चालक ने तय किराये से दोगुनी रकम मांगी और विरोध करने पर महिला न्यायिक अधिकारी को सुनसान और अंधेरी गली में ले गया। वहां उसने महिला होने का हवाला देकर उन्हें धमकाया और पुलिस में अपनी अच्छी जान-पहचान होने की धौंस दिखाई।
इसके बाद जजेज कॉलोनी के बाहर करीब आधे घंटे तक हंगामा किया और सुरक्षा गार्ड से भी झगड़ा किया। महिला न्यायिक अधिकारी ने अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। शिकायत पर डालनवाला पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपित चालक को हिरासत में ले लिया है।
एफआईआर के मुताबिक, घटना बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 की शाम 6:11 बजे की है। महिला न्यायिक अधिकारी अंजली बेंजवाल ने जजेज कॉलोनी, बलबीर रोड स्थित अपने आवास से मालदेवता के पास सौड़ा सरोली जाने के लिए रैपिडो की राइड बुक की थी। कैब संख्या यूके 07TB/7073 के चालक ने राइड स्वीकार की और जजेज कॉलोनी पहुंच गया।
महिला अधिकारी के गाड़ी में बैठने के बाद चालक ने उनसे ओटीपी मांगा। ओटीपी देने पर उसने राइड शुरू कर दी। इस दौरान चालक ने पूछा कि एसी चलाना है या नहीं। महिला अधिकारी ने एसी चलाने और बाद में बंद कर देने को कहा।
इसके बाद चालक ने कहा कि उन्हें नौ किलोमीटर दूर जाना है, इसलिए दोगुने पैसे देने होंगे। महिला अधिकारी ने इसका विरोध करते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने जिस किराये पर राइड बुक की है, उसी के अनुसार भुगतान करेंगी। अतिरिक्त रकम देने का कोई औचित्य नहीं है। कोर्ट केस लड़ें।
महिला न्यायिक अधिकारी का आरोप है कि किराये को लेकर विवाद के बाद चालक उन्हें सड़क की तरफ ले जाने के बजाय एक सुनसान और अंधेरी गली में ले गया। यह गली आगे से बंद थी। चालक की हरकतों से आशंकित महिला अधिकारी ने गाड़ी में बैठे-बैठे अपने कोर्ट मोहर्रिर रविंद्र को फोन किया और बताया कि चालक उन्हें कहीं और ले जा रहा है।
शिकायत के अनुसार, इसके बाद चालक उन्हें धमकाने लगा। उसने कथित तौर पर कहा कि वह उन्हें अभी बताता है, मजा चखाता है। वह महिला हैं और उसकी पुलिस में अच्छी जान-पहचान है, इसलिए वह उन्हें ठीक कर देगा।
महिला अधिकारी ने तत्काल रैपिडो पर कॉल कर शिकायत की कि चालक उन्हें धमका रहा है और दोगुने पैसे मांग रहा है। उन्हें डर लग रहा है। रैपिडो की ओर से कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया। महिला अधिकारी ने अपनी शिकायत में यह भी उल्लेख किया कि डर के कारण उन्होंने जो कॉल की थी, वह रिकॉर्ड हुई होगी।
गली बंद मिली तो वापस मोड़ी गाड़ी, अपहरण की कोशिश का आरोप
एफआईआर में महिला न्यायिक अधिकारी ने आरोप लगाया है कि चालक ने उन्हें किडनैप करने की कोशिश की। हालांकि, जब उसे पता चला कि गली आगे से बंद है, तो वह घबरा गया और गाड़ी वापस बाहर की ओर ले आया। इसके बाद चालक गाड़ी से बाहर निकलकर किसी से बात करने लगा, जबकि महिला अधिकारी गाड़ी के भीतर ही बैठी रहीं।
इस दौरान महिला अधिकारी ने अपने कोर्ट मोहर्रिर से दोबारा संपर्क किया। कोर्ट मोहर्रिर ने उन्हें बताया कि वह मामले में थाने में बात कर रहे हैं। इसके बाद चालक गाड़ी को जजेज कॉलोनी के गेट के बाहर ले आया और राइड कैंसिल कर दी।
शिकायत के अनुसार, जजेज कॉलोनी के बाहर ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षा गार्ड ने चालक से पूछा कि वह महिला अधिकारी को अंधेरी गली में क्यों ले गया था। इस पर चालक ने जवाब दिया कि रास्ता तो रैपिडो के मैप से पता चलता है और महिला अधिकारी को उसे रास्ता बताना चाहिए था।
आरोप है कि इसके बाद चालक ने कॉलोनी के गेट पर हंगामा शुरू कर दिया। उसने सुरक्षा गार्ड को धमकाया और उसके साथ झगड़ा भी किया। इस दौरान वहां लोगों की भीड़ जुट गई। महिला अधिकारी के मुताबिक, चालक करीब आधे घंटे तक हंगामा करता रहा। वह बार-बार पुलिस में अपनी अच्छी जान-पहचान होने की बात कहकर धौंस जमाता रहा।
महिला न्यायिक अधिकारी की शिकायत के अनुसार, उनके कोर्ट मोहर्रिर की ओर से थाने में सूचना दिए जाने के बाद चीता पुलिस को मौके पर भेजा गया। पुलिस महिला अधिकारी को अपने साथ थाने ले गई।कोर्ट केस लड़ें
महिला अधिकारी ने शिकायत में कहा है कि चालक ने उनके साथ बदतमीजी की और उन्हें किडनैप करने की कोशिश की। सुनसान और अंधेरी गली में ले जाकर धमकाने तथा महिला होने का हवाला देकर डराने से वह काफी भयभीत हैं।
उन्होंने कहा कि चालक उनका घर देख चुका है और भविष्य में उनके साथ कोई घटना कारित कर सकता है। इससे उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। उन्होंने पुलिस से उचित कार्रवाई करने की मांग की।