महिला कांग्रेस ने गृहमंत्री अमित शाह के आगमन पर किया विरोध प्रदर्शन, छोड़े काले गुब्बारे – Indian Today 24×7

महिला कांग्रेस ने गृहमंत्री अमित शाह के आगमन पर किया विरोध प्रदर्शन, छोड़े काले गुब्बारे

देहरादून

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के देहरादून आगमन पर प्रदेश महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काले गुब्बारे छोड़कर एवं केन्द्रीय गृह मंत्री का पुतला दहन कर महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों, महिला सुरक्षा की बदहाल स्थिति तथा अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर अपना आक्रोश व्यक्त किया।

इस अवसर पर प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि देश में महिलाओं की सुरक्षा आज एक गंभीर और चिंताजनक सवाल बन चुकी है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली भाजपा सरकार के शासन में महिलाओं और बेटियों के साथ हो रही आपराधिक घटनाएं सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को उजागर कर रही हैं। महिलाओं के प्रति अपराध, दुष्कर्म, छेड़छाड़, अपहरण, घरेलू हिंसा और उत्पीड़न की घटनाएं समाज में भय का वातावरण पैदा कर रही हैं। सवाल यह है कि आखिर देश और प्रदेश की बेटियां कब तक असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर रहेंगी?

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की बेटी अंकिता भंडारी को आज तक न्याय नहीं मिल पाया है।

प्रदेश की जनता लगातार इस जघन्य हत्याकांड में न्याय और दोषियों को कठोर सजा दिलाने की मांग कर रही है, लेकिन सरकार इस मामले में जनता की भावनाओं और सवालों का संतोषजनक जवाब देने में नाकाम रही है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे शांतिप्रिय और देवभूमि के रूप में पहचाने जाने वाले राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अंकिता भंडारी हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। एक बेटी को न्याय दिलाने के लिए प्रदेश की जनता लगातार आवाज उठा रही है, लेकिन इस मामले से जुड़े अनसुलझे सवालों और जनता की शंकाओं का समाधान आज भी जरूरी है। अंकिता को न्याय दिलाना केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की प्रत्येक बेटी के सम्मान और सुरक्षा का सवाल है।

ज्योति रौतेला ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं और बच्चियों के साथ होने वाली आपराधिक घटनाएं कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े करती हैं। केवल अपराध होने के बाद मुकदमा दर्ज करना और बयान जारी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपराध रोकने के लिए प्रभावी पुलिस व्यवस्था, संवेदनशील प्रशासन और जवाबदेह शासन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा के नाम पर बड़े-बड़े दावे करने वाली सरकार को बताना चाहिए कि महिलाओं की शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई क्यों नहीं होती? महिला हेल्पलाइन और आपातकालीन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने, थानों में महिला पुलिसकर्मियों की पर्याप्त तैनाती, संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित पुलिस गश्त, सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी व्यवस्था तथा पीड़ित महिलाओं को कानूनी और मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने क्या ठोस कदम उठाए हैं? उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि उनके सम्मान, स्वतंत्रता और समान अधिकारों से जुड़ा हुआ मुद्दा है। प्रत्येक जिले में महिला अपराधों की नियमित समीक्षा तथा दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।

ज्योति रौतेला ने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह देश की आंतरिक सुरक्षा के सर्वोच्च राजनीतिक दायित्वों में से एक का निर्वहन करते हैं। ऐसे में महिला सुरक्षा के सवाल पर केन्द्र और राज्य सरकार दोनों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर केवल राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय सरकार को जवाबदेही स्वीकार करते हुए ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश महिला कांग्रेस महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और न्याय के मुद्दे पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने से लेकर प्रदेश की प्रत्येक बेटी की सुरक्षा सुनिश्चित कराने तक महिला कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।

कार्यक्रम में प्रदेश महिला उपाध्यक्ष आशा मनोरमा शर्मा, नजमा खान, उर्मिला थापा, पुष्पा पंवार, चन्द्रकला नेगी, निधि नेगी, सुशीला शर्मा बेलवाल, अनीता सकलानी, पूनम सिंह, दीपा चौहान, अनुराधा ढींगरा, अनुराधा तिवाडी, बबीता आदि अनेक महिला पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।

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