देहरादून
इन दिनों बरसात में अक्सर छोटे बड़े सांपों से इंसान का सामना हो जाता है। आजकल उत्तराखंड में भी कई स्थानों पर सांपों के निकलने की घटनाएं घट रही हैं हालांकि कोई हादसा तो नहीं हुआ है लेकिन उनके निकलने की खबर के बाद उनको पकड़ के जंगल में अवश्य छोड़ दिया गया है।

यहां नैनीताल और हरिद्वार का जिक्र हो रहा है। जहां बड़े बड़े अजगरों के निकलने की घटनाएं सामने आई हैं।

नैनीताल के निकटवर्ती बेलुवाखान क्षेत्र में विशालकाय अजगर दिखाई देने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। कई दिनों से क्षेत्र में अजगर के नजर आने से लोग भयभीत थे। स्थानीय लोगों ने अजगर दिखाई देने की सूचना मिलते ही वन विभाग की स्नेक रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। स्नेक रेस्क्यूअर निमिश दानू ने सावधानीपूर्वक अजगर का रेस्क्यू किया। इसके बाद उसे सुरक्षित रूप से रानीबाग के जंगलों में छोड़ दिया।
दूसरी तरफ हरिद्वार रेलवे स्टेशन की वाशिंग लाइन में मेंटीनेंस के लिए खड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस के पास करीब 10 फीट लंबा अजगर दिखाई देने से हड़कंप मच गया। अजगर ट्रेन के कोच के आसपास घूमता हुआ अंदर घुसने का प्रयास करता नजर आया। समय रहते कर्मचारियों की नजर पड़ने से एक बड़ा हादसा टल गया।
बताया जा रहा है कि वाशिंग लाइन में रखरखाव का काम कर रहे कर्मचारियों ने ट्रेन के पास अजगर को देखा। विशालकाय अजगर को देखकर कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। वन विभाग को इसकी सूचना मिलते ही हरिद्वार रेंज की वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। टीम ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया। इस दौरान वन विभाग की टीम ने पूरी सावधानी बरतते हुए अजगर को क्षेत्र से बाहर निकाला।
वन विभाग के मुताबिक रेस्क्यू किए गए अजगर को बाद में उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया। राहत की बात यह रही कि अजगर के ट्रेन के अंदर प्रवेश करने से पहले ही कर्मचारियों ने उसे देख लिया। अगर वह कोच के अंदर पहुंच जाता तो यात्रियों के बीच दहशत और खतरे की स्थिति पैदा हो सकती थी।
वन विभाग द्वारा इन दिनों वन्यजीव की मौजूदगी को लेकर कर्मचारियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।