देहरादून/ऋषिकेश
ऋषिकेश के भरत विहार क्षेत्र में एक महिला ने गूगल पे से भुगतान करने के लिए अपना हैंडबैग ठेले पर रखा और इतनी देर में लग गई थी साढ़े 16 लाख की चपत पुलिस की तत्परता के चलते महिला को चोरी हुए गहने और नकदी वापस मिल गई।
ऋषिकेश पुलिस के अनुसार, बीते 18 अगस्त को गुमानीवाला निवासी महिला बैंक लॉकर से तीन सोने की चैन, एक सोने का नेकलेस, एक जोड़ी झुमके, दो जोड़ी टॉप्स, एक चांदी का ब्रेसलेट आदि लेकर घर लौट रही थीं। पुत्री की शादी के लिए यह ज्वैलरी बैंक में रखी गई थी। महिला ने उक्त सभी आभूषण और साथ में 64 हजार रूपये नकद एक भूरे रंग के छोटे पर्स में रखे और पर्स को काले रंग के हैंडबैग में रख दिया था। घर लौटते वक्त महिला ने भरत विहार के गेट के निकट एक ठेली से केले खरीदे और इस दौरान अपना बैग ठेली पर रखकर अपने फोन के गूगल-पे से ठेली संचालक राजकुमार को भुगतान किया। इसके बाद वे घर आ गईं। घर पहुंचने के बाद जब महिला ने बैग खोला, तो उसमें से जेवरात और नकदी समेत छोटा भूरे रंग का पर्स गायब था। महिला ने तत्काल आईडीपीएल चौकी पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और चोरी का शक ठेलीवाले पर जताया।
तहरीर के आधार पर कोतवाली ऋषिकेश में ठेली संचालक राजकुमार के विरूद्ध बीएनएस की धारा-303(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कड़कड़ी गई।
आईडीपीएल चौकी प्रभारी की अगुआई में पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को चेक किया। इस बीच पुलिस को सूचना हुई कि 35 वर्षीय राजकुमार निवासी बेतिया (बिहार) भागने की फिराक में हैं, इस पर 19 अगस्त (बुधवार) को उसे योगनगरी रेलवे स्टेशन के पास से दबोच लिया गया।
पुलिस के अनुसार, तलाशी लेने पर राजकुमार के कब्जे से चोरी हुई ज्वैलरी व नगदी बरामद हो गई।
पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि केले खरीदने आई महिला को गूगल-पे से भुगतान के दौरान बातों में उलझाकर उसने ठेली पर रखे उसके काले बैग के अंदर से भूरे रंग के पर्स को चोरी कर लिया था, जिसमें उसे सोने के आभूषण व नगदी मिली। इसके बाद ही वह माल लेकर भागने की फिराक में था। पुलिस के अनुसार पूरी ज्वैलरी, 63 हजार रूपये नकद की बरामदगी हो गई। इसके साथ ही महिला के नाम की बैंक ऑफ बड़ौदा की तीन जमा पर्चियां (डिपॉजिट स्लिप) भी मिलीं। बरामद ज्वेलरी की अनुमानित कीमत करीब 16 लाख 50 हज़ार रुपये भी मिले है।