देहरादून
मालसी स्थित देहरादून जू एवं ग्वालियर जूलॉजिकल पार्क, मध्य प्रदेश के मध्य स्वीकृत बाघ विनिमय कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार 25 सितम्बर को देहरादून जू से एक नर रॉयल बंगाल टाइगर को ग्वालियर जूलॉजिकल पार्क ले जाने हेतु दल रवाना हो गया।
बाघ को निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार रेस्क्यू वैन में सुरक्षित रूप से स्थानांतरित कर, पशु चिकित्सकीय परीक्षण एवं आवश्यक स्वास्थ्य प्रमाण पत्र की प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत यात्रा के लिए रवाना किया गया है। पशु चिकित्सक द्वारा बाघ को स्वस्थ एवं परिवहन के लिए उपयुक्त प्रमाणित किया गया है।
दल का नेतृत्व, अनिषेक मैठाणी, उप प्रभागीय वनाधिकारी, देहरादून उप वन प्रभाग, देहरादून एवं डॉ० प्रदीप मिश्रा, वरिष्ठ पशुचिकित्सा अधिकारी द्वारा किया जाएगा।
जिसमें सतविंदर सिंह, प्र०व० क्षेत्राधिकारी, यूनिट व देहरादून जू से अन्य अधिकरी / कर्मचारी, QRT सदस्य एवं कीपर स्टाफ भी है। बाघ के परिवहन हेतु रेस्क्यू वैन के साथ एस्कॉर्ट सहायक वाहन एवं अन्य निर्धारित वाहन भी साथ रवाना हुए है। यात्रा के दौरान बाघ की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दल, 25 सितम्बर को देहरादून से प्रस्थान कर ग्वालियर पहुंचेगा।
इसके पश्चात 27 सितम्बर 2026 को ग्वालियर जूलॉजिकल पार्क से एक सफेद रॉयल बंगाल टाइगर को देहरादून जू लाने हेतु दल प्रस्थान करेगा।
निदेशक, देहरादून जू, वैभव कुमार सिंह ने बताया कि बाघ विनिमय कार्यक्रम केंद्रीय चिठियाघर प्राधिकरण (CZA) की स्वीकृति एवं संबंधित सक्षम प्राधिकारियों के निर्देशों के अनुरूप किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि देहरादून जू में सफेद बाध के पहुंचने के पश्चात आवश्यक पशु चिकित्सकीय एवं अन्य प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी तथा जल्द ही इसे आमजन के देखने हेतु प्रदर्शित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि देहरादून जू द्वारा लगातार देश के अन्य चिडियाघरों के साथ संपर्क एवं समन्वय किया जा रहा है, ताकि भविष्य में अन्य वन्यजीवों को देहरादून जू में लाया जा सके और यहां आने वाले पर्यटकों एवं आमजन को अधिक से अधिक वन्यजीवों को देखने तथा उनके बारे में जानने का अवसर प्राप्त हो।